
खबरों की दुनिया, जसपुर
आबकारी मामले में वांछित एक वारंटी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर उसके परिजनों ने अचानक लाठी-डंडों और पाटल से हमला कर दिया। इस हमले में पतरामपुर चौकी इंचार्ज गोविंद सिंह मेहता घायल हो गए और पुलिस की वर्दी भी फाड़ दी गई। बाद में मौके पर पहुंची अतिरिक्त पुलिस बल ने कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपी सहित कुछ लोग फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9 बजे चौकी इंचार्ज गोविंद सिंह मेहता और सिपाही सुभाष डुंगरियाल मुखबिर की सूचना पर आबकारी मामले में कोर्ट से वांछित सुखविंदर सिंह, निवासी भोगपुर डाम नंबर दो, को गिरफ्तार करने पहुंचे थे। पुलिस ने उसे उसके घर के आंगन से पकड़ लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान आरोपी ने शोर मचाकर अपने परिवार के सदस्यों—मां शिलो कौर, पत्नी मंजीत कौर, भाई मंगत सिंह, चचेरे भाई संदीप सिंह, राजू सिंह और जगपाल सिंह उर्फ जस्सा सहित अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद परिजन हाथों में डंडे और पाटल लेकर आ गए और पुलिस टीम को घेरकर हंगामा करने लगे। पुलिस ने जब उन्हें कोर्ट का वारंट दिखाने की कोशिश की, तो शिलो कौर ने वारंट छीनने का प्रयास किया, जिससे वह फट गया। इसके बाद हालात और बिगड़ गए। पुलिस जब आरोपी को अपने साथ ले जाने लगी तो परिजनों ने हमला कर दिया और मारपीट शुरू कर दी।
आरोप है कि इसी दौरान संदीप सिंह ने पाटल से पुलिस पर वार किया और भीड़ ने मिलकर आरोपी सुखविंदर सिंह को पुलिस हिरासत से छुड़ाकर भगा दिया। हमले में एसआई मेहता के कंधे और कोहनी में चोटें आईं। हमले के बीच शिलो कौर और मंजीत कौर ने पुलिसकर्मियों की वर्दी के फ्लैप भी फाड़ दिए। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल भेजा गया। मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और शिलो कौर व मंजीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। इस क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमले का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान भी नादेही चौकी पर पुलिस टीम पर हमला हुआ था, जिसमें पुलिस की वर्दी फाड़ दी गई थी। उस समय भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था।






