खबरों की दुनिया, हल्द्वानी
उत्तराखंड के चंपावत जिले में एक नाबालिग से संबंधित मामले में पुलिस जांच के बाद महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले को एक सोची-समझी साजिश बताया गया है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के अनुसार, मामले की गहन जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद यह पाया गया कि लगाए गए आरोप सही नहीं थे। न्यायालय के समक्ष दिए गए बयानों में भी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा मामला राजनीतिक रंजिश और आपसी विवाद के कारण रचा गया था। इसमें कुछ स्थानीय लोगों द्वारा बदले की भावना से साजिश रचने का संदेह जताया गया है। पुलिस इस मामले में झूठी शिकायत दर्ज कराने और साजिश रचने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन वर्तमान में पुलिस इसे झूठे आरोपों के आधार पर रची गई एक साजिश के रूप में देख रही है।





