खबरों की दुनिया, नैनीताल
नैनीताल के समीप गेठिया क्षेत्र में शनिवार को एक भीषण सड़क हादसे में उन्नाव से आए चार पर्यटकों की कार गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को रेस्क्यू कर उपचार के लिए हल्द्वानी भेजा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्नाव जनपद के पीताम्बर नगर निवासी अंकित चौधरी अपने साथियों अभिराज, अतुल दुबे और श्याम के साथ वाहन संख्या यूपी 78 एसजे 4936 से जागेश्वर धाम की ओर जा रहे थे। शनिवार को हल्द्वानी से आगे बढ़ते ही गेठिया क्षेत्र में उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। वाहन के गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही तल्लीताल थाना पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। खाई में गिरे वाहन तक पहुंचने में रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। क्षतिग्रस्त वाहन के नीचे दबे युवकों को कड़ी मेहनत के बाद बाहर निकाला गया। इस दौरान अंकित चौधरी और अभिराज को मृत पाया गया, जबकि अतुल दुबे और श्याम गंभीर रूप से घायल थे।
तल्लीताल थाना के एसआई सतीश उपाध्याय ने बताया कि घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सड़क तक लाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी भेजा गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को कारण माना जा रहा है। इस
हादसे से पहले बदला था ड्राइवर, कुछ देर बाद खाई में गिरी कार : नैनीताल। गेठिया सड़क हादसे ने पहाड़ी मार्गों पर सतर्कता की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। बताया जा रहा है कि हादसे से ठीक पहले वाहन अतुल चला रहा था, लेकिन लंबी दूरी तय करने के चलते अभिराज ने ड्राइविंग संभाल ली। ड्राइविंग संभालने के कुछ ही देर बाद वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा, जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया।
सेना के जवान ने दिखाई बहादुरी, घायलों को बचाने में निभाई अहम भूमिका : हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। इस दौरान भारतीय सेना के जवान आशीष बिष्ट ने भी सराहनीय साहस का परिचय दिया। छुट्टी पर नैनीताल आए आशीष बिष्ट को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। करीब दो घंटे तक चले अभियान में उन्होंने पुलिस और एसडीआरएफ के साथ मिलकर खाई में उतरकर घायलों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी तत्परता और बहादुरी की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। प्रशासन ने भी रेस्क्यू में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया है। इस दौरान एसडीआरएफ के एसआई मनीष भंडारी, भावना, नितेश खेतवाल, सतीश, राजेंद्र, जीवन, अनूप, पंकज तथा स्थानीय निवासी प्रेम प्रकाश, प्रदीप त्यागी, रक्षित कुमार, भरत, यश, मोहन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




