
-नशे की मात्रा को लेकर हुए विवाद में गई जान
खबरों की दुनिया, रामनगर
रामनगर में समीर उर्फ लक्की की निर्मम हत्या के मामले में कोतवाली रामनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की वजह नशे को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल भी बरामद कर लिया है।
बता दें कि गुरुवार सुबह मोहल्ला गुलरघट्टी क्षेत्र की आदर्श नगर कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय समीर उर्फ लक्की का शव नहर किनारे खून से लथपथ अवस्था में मिला था। अज्ञात लोगों द्वारा ईंट से सिर कुचलकर की गई इस हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मामले में मृतक के भाई रिजवान की तहरीर पर कोतवाली रामनगर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि पुलिस जांच में मुख्य आरोपी नजीर, निवासी मोहल्ला गुलरघट्टी, रामनगर तथा सह-आरोपी आशीष, निवासी ग्राम पूछड़ी को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सामने आया कि मृतक समीर और आरोपी नजीर दोनों नशे के आदी थे। एएसपी ने बताया कि घटना वाली रात नशे का सेवन करते समय नशे की मात्रा को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया। इसी दौरान आरोपी नजीर ने समीर को नीचे गिराकर ईंट से उसके सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ईंट, खून से सने कपड़े और जूते बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को सूचना मिली थी कि कॉर्बेट कॉलोनी निगम मार्ग पर नहर किनारे एक व्यक्ति चित अवस्था में पड़ा है, जिसके आसपास खून फैला हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस और फील्ड यूनिट टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। शव की पहचान समीर उर्फ लक्की पुत्र छिद्दन, निवासी आदर्श नगर, शंकरपुर भूल, रामनगर के रूप में हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के निर्देश पर चार पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने घटनास्थल के आसपास लगे करीब 45 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी नजीर को कोसी नदी किनारे से गिरफ्तार किया गया। वहीं घटना की जानकारी पुलिस को न देने पर सह-आरोपी आशीष के खिलाफ भी संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। त्वरित खुलासे पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस टीम को ₹1500 का इनाम देने की घोषणा की गई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।

