खबरों की दुनिया, नैनीताल
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) संजीव कुमार की अदालत ने नशीली दवाओं की बरामदगी के एक मामले में दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 12-12 वर्ष का कठोर कारावास और 2 लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोनों अभियुक्तों को आठ-आठ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के आदेश के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पूजा साह ने बताया कि चार सितंबर 2019 को औषधि विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने हल्द्वानी के इंद्रानगर छोटी लाइन क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। इस दौरान बरेली रोड स्थित ‘सिटी मेडिकोज’ के पास एक संदिग्ध दरवाजा दिखाई दिया। तलाशी लेने पर वहां से बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद हुईं।
पूछताछ में मोहम्मद अफसार ने बताया कि कमरे का स्वामित्व उसका है और उसने इसे किराए पर मोहम्मद अजीम को दिया है। वहीं, मोहम्मद अजीम ने बताया कि वहां ‘सीटी क्लीनिक एंड फार्मेसी’ संचालित की जा रही थी और दवाइयों का विक्रय संयुक्त रूप से किया जाता था। जांच टीम ने नौ प्रकार की नशीली दवाओं को प्लास्टिक के डिब्बों में भरकर कपड़े में सिलकर रखा पाया। इस संबंध में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में पांच गवाहों के बयान, चंडीगढ़ की विधि विज्ञान प्रयोगशाला की परीक्षण रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने मोहम्मद अफसार पुत्र मो. ईशाक अहमद, निवासी शनि बाजार गेट के पास, बनभूलपुरा और मोहम्मद अजीम पुत्र फारुख अली शाह, निवासी वारसी कॉलोनी, थाना बनभूलपुरा को स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम की धारा 8/22 के तहत दोषी ठहराया। प्रत्येक को 12 वर्ष का कठोर कारावास और 1-1 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।




