खबरों की दुनिया, नैनीताल
उत्तराखंड हाईकोर्ट और नैनीताल जिला न्यायालय समेत प्रदेश के कई न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकियों के मामले में जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है। पुलिस जांच में यह पता चला है कि धमकी भरे ई-मेल के तार नीदरलैंड से जुड़े आईपी एड्रेस तक जा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, स्थानीय पुलिस के साथ उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की तकनीकी शाखा भी जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक की जांच में पता चला है कि धमकी भरे संदेश टॉर मेल और वेब ब्राउजर के माध्यम से भेजे गए थे। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल के स्रोत, सर्वर और उपयोग किए गए डिजिटल माध्यम की गहन पड़ताल कर रहे हैं, ताकि वास्तविक आरोपियों तक पहुचा जा सके। नैनीताल के एसएसपी ने बताया कि इस मामले में अब तक चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। शुरुआती जांच में हाईकोर्ट और जिला न्यायालय को मिली धमकियां फर्जी प्रतीत हो रही हैं, हालांकि पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा न्यायालय परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन अब तक किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और हर पहलू पर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि साइबर तकनीकी विश्लेषण के आधार पर ई-मेल के स्रोत तक पहुँचने का प्रयास जारी है और आवश्यक होने पर केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाएगा।
गौरतलब है कि बीते दिनों उत्तराखंड हाईकोर्ट, नैनीताल जिला न्यायालय और अन्य न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई थीं। न्यायालय परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है। एसएसपी का कहना है कि भले ही अब तक धमकियां फर्जी साबित होने के संकेत मिले हैं, लेकिन जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जांच पूरी सतर्कता और तकनीकी निगरानी के साथ आगे बढ़ाई जा रही है।


