
खबरों की दुनिया, हल्द्वानी
राजकीय इंटर कॉलेज बबियाड़ में कौशलम ग्रैंड फिनाले का आयोजन बड़े उत्साह और जोश के साथ किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 11 के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच, हुनर और नवाचार क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस अवसर पर छात्रों द्वारा स्थानीय संसाधनों और प्राकृतिक उपज का उपयोग कर तैयार किए गए विविध उपयोगी व कलात्मक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई।
कौशलम कार्यक्रम की प्रभारी रश्मि गहतोड़ी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने हस्तशिल्प एवं लोककला से जुड़े अनेक आकर्षक उत्पाद तैयार किए। प्रदर्शनी में मेजपोश, थालपोश, कालीन, ऐपण कला, तोरण, सुंदर पेंटिंग, पिरूल से बनी टोकरियां, पहाड़ी पिसी लूण, मालू के पत्तों से बने दोने-थाल, धूप सामग्री तथा ‘तिमिर’ का मंचन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इन सभी रचनाओं में स्थानीय संस्कृति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की भावना भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। प्रदर्शनी के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने छात्रों से उनके उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया, उपयोगिता और संभावित बाजार मूल्य को लेकर चर्चा की। विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों के उत्तर देकर अपने व्यावहारिक ज्ञान और समझ का परिचय दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय कुमार ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्वरोजगार की सोच को विकसित करते हैं। उन्होंने कौशलम कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यक्रम प्रभारी रश्मि गहतोड़ी के प्रयासों की विशेष प्रशंसा की। इस अवसर पर विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रहीं और उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय संसाधनों के महत्व से परिचित कराना और उन्हें व्यावहारिक जीवन के लिए तैयार करना था, जिसमें विद्यालय पूरी तरह सफल रहा।





