खस्ताहाल सड़क पर हादसा, पंतनगर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक की मौत

खबरों की दुनिया, हल्द्वानी

खस्ताहाल सड़क ने रविवार को एक वरिष्ठ नागरिक की जान ले ली। रानीबाग में एक रिश्तेदार की अंत्येष्टि से लौट रहे पंतनगर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक सुरेश चंद्र पांडे (69 वर्ष) कैंटर की चपेट में आ गए। हादसे में उनका सिर स्कूटी पर हेलमेट पहनने के बावजूद कैंटर के पिछले पहिये के नीचे आ गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए, कैंटर चालक को हिरासत में ले लिया तथा वाहन को सीज कर दिया। सुरेश चंद्र पांडे शांतिनगर भोटियापड़ाव के निवासी थे और नौ साल पहले पंतनगर विश्वविद्यालय से कृषि वैज्ञानिक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह पत्नी लता पांडे और परिवार के साथ शांति नगर में रहते थे। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका विवाह हो चुका है।

स्थानीय पार्षद मुकुल बल्यूटिया ने हादसे के लिए सड़क की स्थिति को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि पिछले दो महीनों से सड़क पर सीवर लाइन डालने के लिए कई जगह गड्ढे खोद दिए गए हैं। यही असुरक्षित स्थिति हादसे का मुख्य कारण बनी। हादसे के बाद विधायक सुमित हृदयेश और पुलिस भी मौके पर पहुंचे। विधायक ने हादसे पर गहरा दुख जताया और सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने सोमवार को क्षेत्रवासियों की सुरक्षा के लिए यूएसडीडीए कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है, जो सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा।

Harish Upreti Karan

पिछले 20 वर्षों से दैनिक जागरण, हिंदुस्तान व अमृत विचार में पत्रकार के रूप में कार्य करने के अलावा चार काव्य संग्रह प्रकाशित, आकाशवाणी रामपुर व अल्मोड़ा से विभिन्न रचनाओं का प्रसारण, हिंदी फिल्म "यंग बाइकर्स" के लिए गीत लेखन, पर्यटन विभाग के लिए बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म "चंपावत एक धरोहर" की स्क्रिप्ट राइटिंग, कुमाऊनी फिल्म "फौजी बाबू", "पधानी लाली", रंगमंच के विभिन्न नाटकों में अभिनय, कुमाऊनी गीत "पहाड़ छोड़ दे" और "काली जींस" का लेखन व गायन, फिल्म राइटर्स एसोसिएशन मुंबई का सदस्य

सम्बंधित खबरें