खबरों की दुनिया | कालाढूंगी
तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर की बैलपड़ाव रेंज में गुलदारों के आपसी संघर्ष के चलते एक गुलदार की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हलचल मच गई। उल्लेखनीय है कि इसी क्षेत्र में 20 दिन पूर्व भी एक मादा गुलदार मृत अवस्था में मिली थी।
शुक्रवार सुबह बैलपड़ाव रेंज से सटे ग्राम सभा पत्तापानी में बालम गिरी गोस्वामी के गन्ने के खेत में गन्ना काट रहे मजदूरों ने एक गुलदार देखा। घबराकर मजदूर खेत से बाहर निकले और इसकी सूचना खेत स्वामी को दी, जिन्होंने तुरंत वन विभाग को जानकारी दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार को भगाने के उद्देश्य से खेत में सर्च अभियान चलाया। इसी दौरान खेत में गुलदार का शव पड़ा मिला, जिसे देखकर टीम के सदस्य हैरान रह गए। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई। वन विभाग ने शव को कब्जे में लेकर वन विश्राम गृह, चूनाखान पहुंचाया। बताया गया कि करीब 20 दिन पहले भी इसी खेत में लगभग सात माह की एक मादा गुलदार का शव मिला था, जिसकी मौत भी आपसी संघर्ष के कारण हुई थी।
मृत गुलदार का पोस्टमार्टम डॉ. हिमांशु पांगती और डॉ. राहुल सती की दो सदस्यीय टीम ने किया। बिसरा जांच के लिए बरेली भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव को विभागीय मानकों के अनुसार नष्ट कर दिया गया। रेंजर विजेंद्र अधिकारी ने बताया कि गुलदार का शव चार से पांच दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। शरीर पर पंजों और दांतों के निशान पाए गए हैं, जिससे आपसी संघर्ष में मौत की पुष्टि होती है। वहीं क्षेत्र में गुलदार देखे जाने की सूचना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्राम प्रधान पति अजय रौतेला ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है। रेंजर ने बताया कि वन विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही हैं।

