बेटे के लिए मौत को मात: तेंदुए से बचाने के लिए ढाल बनी मां

खबरों की दुनिया, काशीपुर

जब एक तेंदुआ उसके पांच वर्षीय बेटे मोक्ष को जबड़े में दबाकर जंगल की ओर भागा, तब उसकी मां पिंकी अपने मासूम के लिए मौत के सामने ढाल बन खड़ी हुई। उसकी तेज चीख-पुकार और शोर-शराबे से घबराया तेंदुआ बच्चा छोड़कर भाग गया। घायल मोक्ष को गंभीर हालत में मुरादाबाद रोड स्थित संजीवनी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, जसपुर-ठाकुरद्वारा मार्ग पर स्थित तरफदलपतपुर गांव में मुख्य सड़क से करीब 100 मीटर दूर रवि का घर है। रवि मेहनत मजदूरी करते हैं। बीती शाम मजदूरी के लिए घर से बाहर गए रवि शाम करीब 7:30 बजे घर लौटे, तभी उनका पुत्र मोक्ष मोबाइल की जिद पर रोने लगा। रवि के वापस जाने के बाद घर के पास रो रहे मोक्ष पर एक तेंदुए ने हमला किया और उसे जबड़े में दबाकर जंगल की ओर ले गया। तेंदुए की दहाड़ सुन पिंकी शोर मचाते हुए बच्चे के पीछे दौड़ी। उसकी चीख-पुकार और हिम्मत देखकर तेंदुआ घबराकर बच्चा छोड़कर भाग गया। पिंकी भी बच्चे के पीछे जंगल में काफी दूर तक चली गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मोक्ष को जंगल से उठाकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर शिफा तनवीर अंसारी ने बताया कि बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं, खासकर कान और गले में, लेकिन अब वह खतरे से बाहर है। मोक्ष को 24 घंटे चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी अस्पताल पहुंची और बच्चे का हालचाल जाना। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।

Harish Upreti Karan

पिछले 20 वर्षों से दैनिक जागरण, हिंदुस्तान व अमृत विचार में पत्रकार के रूप में कार्य करने के अलावा चार काव्य संग्रह प्रकाशित, आकाशवाणी रामपुर व अल्मोड़ा से विभिन्न रचनाओं का प्रसारण, हिंदी फिल्म "यंग बाइकर्स" के लिए गीत लेखन, पर्यटन विभाग के लिए बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म "चंपावत एक धरोहर" की स्क्रिप्ट राइटिंग, कुमाऊनी फिल्म "फौजी बाबू", "पधानी लाली", रंगमंच के विभिन्न नाटकों में अभिनय, कुमाऊनी गीत "पहाड़ छोड़ दे" और "काली जींस" का लेखन व गायन, फिल्म राइटर्स एसोसिएशन मुंबई का सदस्य

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