खबरों की दुनिया, हल्द्वानी
किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में मजिस्ट्रेट जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत ने आत्महत्या से पूर्व बनाए गए वीडियो में जिन व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, उन्हें नोटिस जारी कर तलब किया है। सभी को गुरुवार और शुक्रवार को हल्द्वानी स्थित आयुक्त कैंप कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
शासन के निर्देशों के क्रम में किसान आत्महत्या मामले की जांच तेज कर दी गई है। आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किए जाने के साथ ही मंडलायुक्त स्तर से मजिस्ट्रेट जांच भी शुरू कर दी गई है। किसान सुखवंत सिंह ने आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में अपनी पीड़ा साझा की थी। अंतिम वीडियो में उसने दो दर्जन से अधिक लोगों के नाम लेते हुए निजी व्यक्तियों के साथ-साथ पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।इसी वीडियो को आधार बनाकर मंडलायुक्त कार्यालय की ओर से सभी नामजद व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रारंभिक चरण में गुरुवार और शुक्रवार को उनके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। इस संबंध में ऊधमसिंह नगर जनपद के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
वहीं मंडल आयुक्त दीपक रावत का कहना है कि किसान सुखवंत सिंह ने आत्महत्या से पूर्व निजी व्यक्तियों और कुछ सरकारी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। वीडियो में जिनके नाम सामने आए हैं, उनके अलावा जिन व्यक्तियों को मैं आवश्यक समझूंगा, उन्हें भी नोटिस जारी किया जाएगा। सभी को गुरुवार और शुक्रवार को बुलाया गया है। इसके अतिरिक्त यदि कोई व्यक्ति ई-मेल या फोन के माध्यम से साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह भी कर सकता है।


