ज्योति अधिकारी को नहीं मिली जमानत

खबरों की दुनिया, हल्द्वानी

सोशल मीडिया पर चर्चित चेहरा और इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को शनिवार को भी राहत नहीं मिल सकी। अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई टालते हुए फिलहाल उन्हें जेल में ही रहने का आदेश दिया है।

गौरतलब है कि ज्योति अधिकारी अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े विरोध प्रदर्शनों में शामिल रही थीं। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने असभ्य भाषा का प्रयोग किया। द्वितीय अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत में उनकी ओर से दायर जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी।अभियोजन पक्ष के अनुरोध को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई सोमवार को होगी। तब तक ज्योति अधिकारी को न्यायिक हिरासत में रहना होगा।

Harish Upreti Karan

पिछले 20 वर्षों से दैनिक जागरण, हिंदुस्तान व अमृत विचार में पत्रकार के रूप में कार्य करने के अलावा चार काव्य संग्रह प्रकाशित, आकाशवाणी रामपुर व अल्मोड़ा से विभिन्न रचनाओं का प्रसारण, हिंदी फिल्म "यंग बाइकर्स" के लिए गीत लेखन, पर्यटन विभाग के लिए बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म "चंपावत एक धरोहर" की स्क्रिप्ट राइटिंग, कुमाऊनी फिल्म "फौजी बाबू", "पधानी लाली", रंगमंच के विभिन्न नाटकों में अभिनय, कुमाऊनी गीत "पहाड़ छोड़ दे" और "काली जींस" का लेखन व गायन, फिल्म राइटर्स एसोसिएशन मुंबई का सदस्य

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