
खबरों की दुनिया, रामनगर
रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत कोसी रेंज क्षेत्र में शनिवार शाम मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक और घटना सामने आई। टेढ़ा गांव के जंगल में लकड़ी लेने गई एक महिला पर अचानक हाथी ने हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे उपचार के लिए रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार टेढ़ा गांव निवासी 43 वर्षीय सीमा देवी तीन अन्य महिलाओं के साथ जंगल में लकड़ी एकत्र करने गई थीं। इसी दौरान अचानक सामने आए एक जंगली हाथी ने सीमा देवी पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी ने महिला को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई। घटना के समय साथ मौजूद अन्य महिलाओं ने शोर मचाने का प्रयास किया, लेकिन हाथी की चिंघाड़ सुनकर वे भी भयभीत हो गईं। किसी तरह जान बचाते हुए महिलाएं जंगल से बाहर निकलकर सड़क तक पहुंचीं और ग्रामीणों को घटना की सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को रामनगर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में हाथी की निगरानी शुरू कर दी गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में अकेले या बिना आवश्यक कारण के न जाएं।
इस संबंध में डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने बताया कि शीतकाल में हाथियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं और इस दौरान वे अधिक आक्रामक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि घायल महिला की हालत अब स्थिर है और वह सुरक्षित है।
गणेश जी के स्मरण से बची जान
घायल सीमा देवी ने बताया कि संकट की उस घड़ी में गणपति भगवान का स्मरण ही उसकी रक्षा बना। सीमा देवी के अनुसार, जब हाथी उसके ऊपर पैर रखने ही वाला था, तब उसने भगवान गणेश का नाम लेते हुए हाथ जोड़ लिए और जीवन की उम्मीद छोड़ दी। तभी हाथी अचानक पीछे मुड़ा, जिससे वह घिसटते हुए आगे बढ़ सकी और हाथी उसे छोड़कर जंगल की ओर लौट गया।



