कालाढूंगी में हाथी के हमले में बुजुर्ग की मौत

खबरों की दुनिया, कालाढूंगी

रामनगर वन प्रभाग के कालाढूंगी रेंज अंतर्गत नगर के पास बंदोबस्ती क्षेत्र में शुक्रवार शाम टस्कर हाथी के हमले में घायल हुए 65 वर्षीय भूपेंद्र सिंह बिष्ट की उपचार के दौरान मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, भूपेंद्र सिंह बिष्ट साप्ताहिक बाजार से सब्जी लेकर साइकिल से घर लौट रहे थे। नगर से लगभग 800 मीटर का रास्ता जंगल से होकर गुजरता है। अंधेरे के कारण उन्होंने केले के पेड़ खा रहे हाथी को नहीं देखा और हाथी ने उन पर हमला कर उनकी साइकिल को कुचल दिया। पास से गुजर रहे ग्रामीण गणेश जोशी ने करीब 150 मीटर की दूरी से हाथी को देखा और शोर मचाया। इसके बाद हाथी वहां से चला गया। घायलों को पहले घर पहुंचाया गया और फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एसटीएच रेफर किया गया। उपचार के दौरान भूपेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया। डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया, रेंजर रमेश ध्यानी और डिप्टी रेंजर भूपेंद्र बिष्ट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

टस्कर हाथी का आठ महीने का आतंक : ग्रामीणों के अनुसार, पिछले आठ महीनों से टस्कर हाथी शाम के समय आबादी क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था। इससे पहले भी हाथी ने लोगों को दौड़ाया और घरों में नुकसान पहुँचाया। ग्रामीण और जनप्रतिनिधि कई बार वन विभाग को शिकायत कर चुके थे, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

Harish Upreti Karan

पिछले 20 वर्षों से दैनिक जागरण, हिंदुस्तान व अमृत विचार में पत्रकार के रूप में कार्य करने के अलावा चार काव्य संग्रह प्रकाशित, आकाशवाणी रामपुर व अल्मोड़ा से विभिन्न रचनाओं का प्रसारण, हिंदी फिल्म "यंग बाइकर्स" के लिए गीत लेखन, पर्यटन विभाग के लिए बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म "चंपावत एक धरोहर" की स्क्रिप्ट राइटिंग, कुमाऊनी फिल्म "फौजी बाबू", "पधानी लाली", रंगमंच के विभिन्न नाटकों में अभिनय, कुमाऊनी गीत "पहाड़ छोड़ दे" और "काली जींस" का लेखन व गायन, फिल्म राइटर्स एसोसिएशन मुंबई का सदस्य

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