खबरों की दुनिया, हल्द्वानी
हनीमून के नाम पर अंडमान-निकोबार ले जाने वाला पति पत्नी के लिए हैवान बन गया। आरोप है कि यात्रा के दौरान पति ने पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की और इतना जोरदार थप्पड़ मारा कि उसका कान का पर्दा फट गया। यह हिंसा यहीं नहीं रुकी, बल्कि ससुराल पहुंचने के बाद भी उत्पीड़न का सिलसिला लगातार जारी रहा। पीड़िता की शिकायत पर पति समेत ससुराल पक्ष के कई सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
सर्वोदय कॉलोनी डहरिया, हल्द्वानी निवासी नेहा खाती पुत्री स्वर्गीय रूपसिंह बिष्ट ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका विवाह 3 मार्च 2024 को पिथौरागढ़ निवासी निर्मल खाती से हुआ था। विवाह में परिजनों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया, इसके बावजूद शादी के कुछ समय बाद ही पति का व्यवहार हिंसक और संदेहपूर्ण हो गया।
पीड़िता का आरोप है कि हनीमून के दौरान अंडमान-निकोबार में पति ने उस पर हाथ उठाया, जिससे उसके कान के पर्दे में छेद हो गया। इसके बाद शक के आधार पर गाली-गलौच, चरित्र पर लांछन और मारपीट आम बात हो गई। सास द्वारा पिता की तीन लाख रुपये की एफडी तुड़वाने का दबाव बनाया गया और इंकार करने पर पति ने बेरहमी से पीटा।
नेहा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। बेटी के जन्म और पिता के निधन जैसे संवेदनशील समय में भी ससुराल पक्ष का रवैया अमानवीय रहा। कई बार समझौते और लिखित माफीनामे के बावजूद हालात नहीं बदले। अगस्त 2025 में ससुराल में उसे नजरबंद कर दिया गया, जिसके बाद पुलिस की मदद से वह मायके पहुंच सकी।
पीड़िता का कहना है कि पति आईटी इंजीनियर है, बावजूद इसके उसने पत्नी और नवजात बेटी के भरण-पोषण की कोई व्यवस्था नहीं की। महिला समाधान केंद्र में शिकायत के बाद हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने पति, सास-ससुर और देवर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व घरेलू हिंसा के आरोपों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है।

