झारखंड के नक्सली क्षेत्र में तैनात सीआरपीएफ जवान हीरा लाल का हार्ट अटैक से निधन

रामनगर के मलधन में पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई

खबरों की दुनिया, रामनगर 

देश सेवा के दौरान झारखंड के नक्सल प्रभावित जंगल क्षेत्र में तैनात सीआरपीएफ के जवान हीरा लाल का हार्ट अटैक से निधन हो गया। बताया जा रहा है कि तीन दिन पूर्व ड्यूटी के दौरान नक्सली एरिया में बने सीआरपीएफ कैंप में ही उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनका निधन हो गया। जवान हीरा लाल सीआरपीएफ में मेजर हवलदार के पद पर तैनात थे और देश की आंतरिक सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे थे।

शहीद जवान का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक क्षेत्र रामनगर के मालधन पहुंचा। जैसे ही पार्थिव शरीर मलधन पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सीआरपीएफ के कमांडो और अधिकारियों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। जवान हीरा लाल अमर रहें के नारों और भारत माता की जय के उद्घोष के बीच उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान मालधन क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से भारी संख्या में लोग अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने पहुंचे। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने शहीद जवान के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनके बलिदान को नमन किया। हीरा लाल अपने पीछे पत्नी और चार बच्चों का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। इनमें एक बेटा मात्र दो वर्ष का है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से शहीद जवान के परिवार को हर संभव सहायता और सम्मान देने की मांग की है।

Harish Upreti Karan

पिछले 20 वर्षों से दैनिक जागरण, हिंदुस्तान व अमृत विचार में पत्रकार के रूप में कार्य करने के अलावा चार काव्य संग्रह प्रकाशित, आकाशवाणी रामपुर व अल्मोड़ा से विभिन्न रचनाओं का प्रसारण, हिंदी फिल्म "यंग बाइकर्स" के लिए गीत लेखन, पर्यटन विभाग के लिए बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म "चंपावत एक धरोहर" की स्क्रिप्ट राइटिंग, कुमाऊनी फिल्म "फौजी बाबू", "पधानी लाली", रंगमंच के विभिन्न नाटकों में अभिनय, कुमाऊनी गीत "पहाड़ छोड़ दे" और "काली जींस" का लेखन व गायन, फिल्म राइटर्स एसोसिएशन मुंबई का सदस्य

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