रुद्रपुर में पकड़ी गई नकली किताबों की खेप, शिक्षा विभाग में हड़कंप

खबरों की दुनिया, रुद्रपुर

रुद्रपुर के कीरतपुर क्षेत्र में स्थित एक निजी गोदाम पर रविवार सुबह प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) की कथित नकली किताबों का भारी जखीरा बरामद किया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार बरामद किताबों की कीमत करीब 8 से 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

छापेमारी के दौरान मौके से यूपी-37 नंबर का एक ट्रक भी मिला, जिसमें बड़ी मात्रा में किताबें लदी थीं। हालांकि गोदाम पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेते हुए गोदाम को सील कर दिया है। शुरुआती जांच में बरामद किताबों की बिलिंग फर्जी होने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, एनसीईआरटी दिल्ली के अधिकारियों की एक टीम सोमवार सुबह रुद्रपुर पहुंचने वाली है। टीम के निरीक्षण के बाद ही किताबों की असलियत और पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। जानकारी के अनुसार, रुद्रपुर कोतवाली पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा को इस संबंध में सूचना मिली थी। शनिवार देर रात अधिकारी गोदाम पहुंचे, लेकिन ताला बंद होने और प्रशासनिक अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद गोदाम को निगरानी में ले लिया गया।

रविवार सुबह तहसीलदार दिनेश कुटौला की मौजूदगी में जब गोदाम का ताला तोड़ा गया तो अंदर बड़ी मात्रा में एनसीईआरटी की किताबें भरी मिलीं। जांच के दौरान किताबों के लोगो, प्रिंटिंग क्वालिटी, कागज की बनावट और वाटरमार्क में कई तरह की असमानताएं पाई गईं। इसी आधार पर अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया इन्हें संदिग्ध या नकली माना है। पुलिस के अनुसार यह गोदाम रुद्रपुर निवासी राजेश जैन का है। पूछताछ में राजेश जैन ने बताया कि उसने यह गोदाम मेरठ निवासी संदीप पुत्र रामभूर को किराए पर दिया हुआ है। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का संबंध मेरठ के एक किताब माफिया से हो सकता है। आशंका है कि मेरठ की किसी प्रिंटिंग प्रेस में इन किताबों को छापकर रुद्रपुर के इस गोदाम में रखा जाता था और यहां से अलग-अलग राज्यों में सप्लाई की जाती थी। प्रशासन और पुलिस अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।

Harish Upreti Karan

पिछले 20 वर्षों से दैनिक जागरण, हिंदुस्तान व अमृत विचार में पत्रकार के रूप में कार्य करने के अलावा चार काव्य संग्रह प्रकाशित, आकाशवाणी रामपुर व अल्मोड़ा से विभिन्न रचनाओं का प्रसारण, हिंदी फिल्म "यंग बाइकर्स" के लिए गीत लेखन, पर्यटन विभाग के लिए बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म "चंपावत एक धरोहर" की स्क्रिप्ट राइटिंग, कुमाऊनी फिल्म "फौजी बाबू", "पधानी लाली", रंगमंच के विभिन्न नाटकों में अभिनय, कुमाऊनी गीत "पहाड़ छोड़ दे" और "काली जींस" का लेखन व गायन, फिल्म राइटर्स एसोसिएशन मुंबई का सदस्य

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