खबरों की दुनिया, हल्द्वानी
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और ब्लॉगर ज्योति अधिकारी को अदालत से जमानत तो मिल गई है, लेकिन उन्हें फिलहाल जेल से रिहाई नहीं मिल सकी है। हल्द्वानी की द्वितीय अपर सिविल जज (जू.डि.) की अदालत ने मंगलवार को मुखानी थाने में दर्ज दो मामलों में सशर्त जमानत मंजूर कर दी, परंतु अन्य जिलों में दर्ज मुकदमों के चलते ज्योति को अभी कुछ और दिन कारावास में बिताने पड़ सकते हैं।
दरअसल, अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कुछ दिन पूर्व नैनीताल रोड स्थित बुद्ध पार्क में ‘पहाड़ी आर्मी’ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसी प्रदर्शन में शामिल ज्योति अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से दराती लहराई और पहाड़ की महिलाओं तथा स्थानीय देवी-देवताओं के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इस संबंध में जूही चुफाल ने मुखानी थाना पुलिस को तहरीर सौंपी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने ज्योति अधिकारी को बीते शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें उप कारागार भेज दिया गया। मामला यहीं नहीं थमा। थाने ले जाते समय ज्योति अधिकारी द्वारा बनाए गए एक वीडियो ब्लॉग में शिकायतकर्ता को कथित रूप से धमकी देने का मामला सामने आया, जिस पर मुखानी पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एक और मुकदमा दर्ज किया। जेल भेजे जाने के बाद से ही ज्योति के अधिवक्ताओं द्वारा लगातार जमानत के प्रयास किए जा रहे थे। मंगलवार को अदालत में दोनों मामलों की सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र बिष्ट, गौरव कपूर सहित अन्य वकीलों ने पैरवी करते हुए दलील दी कि अभियुक्ता का उद्देश्य किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था। साथ ही अदालत को यह भी आश्वस्त किया गया कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी और अभियुक्ता सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक रूप से माफी मांगेगी। इन दलीलों को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने दोनों मामलों में ज्योति अधिकारी को सशर्त जमानत प्रदान कर दी।
खटीमा से पहुंचा वारंट, बढ़ सकती है जेल में रहने की अवधि
हल्द्वानी : मुखानी थाने के मामलों में जमानत मिलने के बावजूद ज्योति अधिकारी की रिहाई फिलहाल संभव नहीं हो सकी है। जमानत आदेश के बाद खटीमा से एक अन्य मामले का वारंट उप कारागार पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार ज्योति अधिकारी के खिलाफ हल्द्वानी के अलावा ऊधमसिंह नगर जनपद के खटीमा, काशीपुर, जसपुर तथा अल्मोड़ा में भी मुकदमे दर्ज हैं। उप कारागार हल्द्वानी के जेल अधीक्षक प्रमोद पांडे ने बताया कि अभियुक्ता के विरुद्ध आर्म्स एक्ट, दंगा भड़काने के प्रयास, धार्मिक भावनाएं आहत करने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रिहाई पर निर्णय हो सकेगा।


