वन सरपंच निलंबित, एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
खबरों की दुनिया, धानाचूली
धारी तहसील अंतर्गत वन पंचायत भूमि पर किए जा रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई अमल में लाई है। मंगलवार को उपजिलाधिकारी अंशुल भट्ट के नेतृत्व में राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम मनाघेर स्थित सुंदरखाल वन पंचायत क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया, जहां अवैध कब्जे की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान सामने आया कि कुछ बिल्डरों द्वारा करीब 10 नाली वन पंचायत भूमि पर बिना अनुमति सड़क निर्माण कराया जा रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तत्काल निर्माण कार्य रुकवाकर जेसीबी की सहायता से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
तहसीलदार मनीषा बिष्ट ने बताया कि इस प्रकरण में सुंदरखाल के वन सरपंच के खिलाफ वन पंचायत अधिनियम के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। साथ ही उपजिलाधिकारी ने पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देते हुए राजस्व उपनिरीक्षक को विस्तृत जांच सौंप दी है। उपजिलाधिकारी अंशुल भट्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी और वन पंचायत भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस तरह के मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान राजस्व निरीक्षक प्रवीण ह्यांकी, नारायण वर्मा, राजस्व उपनिरीक्षक निर्मल बोरा तथा वन दरोगा पूरन मेलकानी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।