खबरों की दुनिया, हल्द्वानी
हल्द्वानी के मुखानी इलाके में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र का माहौल गरमा दिया है। एक 45 वर्षीय दर्जी, जो वर्षों से इलाके में अपनी छोटी-सी दुकान चलाता था, अपनी ही 19 साल की शिष्या के साथ अचानक लापता हो गया। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है जहां भरोसे, रिश्तों और सामाजिक ताने-बाने पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि अमरावती कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति की बेटी पास ही स्थित दर्जी की दुकान पर सिलाई सीखने जाती थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन 26 फरवरी का दिन इस परिवार के लिए भारी पड़ गया। युवती स्कूल के लिए घर से निकली… मगर फिर कभी वापस नहीं लौटी। धीरे-धीरे परतें खुलीं तो शक की सुई सीधे उसी दर्जी रहमत पर जाकर टिक गई। हैरानी की बात ये कि जिस दिन से युवती गायब हुई, उसी दिन से दर्जी की दुकान भी बंद मिली और खुद रहमत भी लापता हो गया।
इलाके में बढ़ा तनाव, थाने पहुंचा मामला
घटना की खबर जैसे ही फैली, स्थानीय लोगों और हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश देखने को मिला। हंगामे के बीच मामला थाने तक पहुंचा, जहां युवती के पिता ने लिखित तहरीर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है और दोनों की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है।
व्हाट्सएप डीपी बनी रहस्य की कड़ी
इस पूरे मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया, जब दोनों के व्हाट्सएप प्रोफाइल की जांच की गई। युवती की डीपी में मेहंदी से सजे हाथ नजर आ रहे हैं मानो किसी दुल्हन के हों। वहीं रहमत की डीपी में एक युवक और युवती के जुड़े हुए हाथ दिख रहे हैं, जो किसी शादीशुदा जोड़े का आभास देते हैं। क्या ये महज इत्तेफाक है… या दोनों ने पहले ही कोई फैसला कर लिया था? यह सवाल अब हर किसी के मन में है।
दुकान बंद, जगह बदली, कहानी में नया ट्विस्ट
जहां कभी रहमत की सिलाई की दुकान हुआ करती थी, वहां अब एक ब्यूटी पार्लर खुल चुका है। मानो उस जगह ने भी इस कहानी के एक अध्याय को हमेशा के लिए बंद कर दिया हो।
पुलिस की नजर, लोगों की चर्चा
फिलहाल पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है, लेकिन इस घटना ने इलाके में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है—क्या यह प्रेम प्रसंग है, या फिर किसी बड़ी साजिश का हिस्सा? सच जो भी हो, एक बात तय है—इस कहानी ने भरोसे की उस डोर को जरूर झकझोर दिया है, जो उस्ताद और शागिर्द के बीच सबसे मजबूत मानी जाती है।


