चरस तस्करी के दोषी को 12 वर्ष की सश्रम कारावास, 1.10 लाख रुपये जुर्माना

वर्ष 2015 में परचून की दुकान से चरस बरामदगी का मामला

खबरों की दुनिया, रुद्रपुर

खटीमा क्षेत्र के ग्राम रतनपुरा में परचून की दुकान पर चरस बेचने के मामले में अदालत ने दोषी को कठोर सजा सुनाई है। आशुतोष कुमार मिश्र, विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) की अदालत ने आरोपी को 12 वर्ष की सश्रम कारावास तथा 1.10 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा के अनुसार, 28 फरवरी 2015 को खटीमा कोतवाली पुलिस टीम गश्त के दौरान पहेनिया चौराहे की ओर जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम रतनपुरा में एक व्यक्ति अपनी परचून की दुकान पर चरस बेच रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकान में बैठे व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम आनंद सिंह राणा पुत्र बादाम सिंह, निवासी ग्राम रतनपुर जसारी, खटीमा बताया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक किलो 100 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के उपरांत अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई।

Harish Upreti Karan

पिछले 20 वर्षों से दैनिक जागरण, हिंदुस्तान व अमृत विचार में पत्रकार के रूप में कार्य करने के अलावा चार काव्य संग्रह प्रकाशित, आकाशवाणी रामपुर व अल्मोड़ा से विभिन्न रचनाओं का प्रसारण, हिंदी फिल्म "यंग बाइकर्स" के लिए गीत लेखन, पर्यटन विभाग के लिए बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म "चंपावत एक धरोहर" की स्क्रिप्ट राइटिंग, कुमाऊनी फिल्म "फौजी बाबू", "पधानी लाली", रंगमंच के विभिन्न नाटकों में अभिनय, कुमाऊनी गीत "पहाड़ छोड़ दे" और "काली जींस" का लेखन व गायन, फिल्म राइटर्स एसोसिएशन मुंबई का सदस्य

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